आज बहुत बिकी है मोहब्बत, सरेबाज़ार इस तरह.., मुझे आशिक नहीं शायद , अब खरीदार होना है,

By | 2017-09-04T09:52:13+00:00 September 4th, 2017|Blog|

दर्द बयां नहीं करता यू तो , मगर बेइंतहा रखता हूँ, किस्से बहुत है तेरे , मगर खामोश जुबां रखता हूँ

By | 2017-08-29T22:24:40+00:00 August 28th, 2017|Blog|