हर एक जख्म का अपने , मैं कर सकता था हिसाब., अफ़सोस मुझे मोहब्बत का , कारोबार नहीं आता…………

 

हर एक जख्म का अपने , मैं कर सकता था हिसाब
अफ़सोस मुझे मोहब्बत का , कारोबार नहीं आता…………

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By | 2018-05-22T18:06:05+00:00 May 22nd, 2018|Blog|0 Comments