शहर नया था तुम्हारा यु , और मैं शख्स पुराना, ………………………………………..

शहर नया था तुम्हारा यु , और मैं शख्स पुराना,, दस्तूर- ऐ- मोहब्बत ये , कुछ समझ नहीं पाया ,,,,, Visit at www.sonutyagi.com

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