तेरे आईने को भी , तुझसे शिकायत होगी, कुछ देखते हो कम, उसे भी मोहब्बत होगी……………
तेरे आईने को भी , तुझसे शिकायत होगी कुछ देखते हो कम, उसे भी मोहब्बत होगी.......
तेरे आईने को भी , तुझसे शिकायत होगी कुछ देखते हो कम, उसे भी मोहब्बत होगी.......
Writer Director Sonu Tyagi वो खंजर लेके बैठे थे , और हम अपना दिल .... मुगालता हसीन था , और हसीना क़ातिल Visit us at www.approachentertainment.com & www.sonutyagi.com
जिन्हे मोहब्बत थी , हमेशा मुन्तज़िर रहे वो ख्याल करते रहे , और तुम बेखबर रहे. ... मोहब्बत जिनसे थी, वो ही बेखबर निकले बाकी सारे ज़माने में, ये खबर…
पहना था बड़े शौक से , नया लिबास इस तरह कुछ रंग निकल गया , कुछ शौक- ऐ -मोहब्बत........ सीने में जलन इस कदर , और दिल में दर्द था…