एक गुनाह मोहब्बत था , तेरे दिल तक नहीं पहुचा , बाकी सारे शहर का बेवजह मैं , गुनहगार हो गया ………………

एक गुनाह मोहब्बत था , तेरे दिल तक नहीं पहुचा बाकी सारे शहर का बेवजह मैं , गुनहगार हो गया ................. Visit at www.sonutyagi.com & www.approachentertainment.net

Continue Readingएक गुनाह मोहब्बत था , तेरे दिल तक नहीं पहुचा , बाकी सारे शहर का बेवजह मैं , गुनहगार हो गया ………………

हर एक जख्म का अपने , मैं कर सकता था हिसाब., अफ़सोस मुझे मोहब्बत का , कारोबार नहीं आता…………

  हर एक जख्म का अपने , मैं कर सकता था हिसाबअफ़सोस मुझे मोहब्बत का , कारोबार नहीं आता............ Visit at www.sonutyagi.com & www.approachentertainment.com             …

Continue Readingहर एक जख्म का अपने , मैं कर सकता था हिसाब., अफ़सोस मुझे मोहब्बत का , कारोबार नहीं आता…………

बड़ा ही धीमा जहर है , तेरी मोहब्बत का, चढ़ता तो रोज है , बस ‘फना’ नहीं करता…………..

Writer Director Sonu Tyagi बड़ा ही धीमा जहर है ,  तेरी मोहब्बत काचढ़ता तो रोज है , बस 'फना' नहीं करता............. Visit us at www.sonutyagi.com & www.approachentertainment.com       …

Continue Readingबड़ा ही धीमा जहर है , तेरी मोहब्बत का, चढ़ता तो रोज है , बस ‘फना’ नहीं करता…………..

कुछ चिराग कभी जलते नहीं , हवाओ को देखकर, जलते हुए मुझे हवाओ से ही , मोहब्बत का शौक है…….

कुछ चिराग कभी जलते नहीं , हवाओ को देखकर जलते हुए मुझे हवाओ से ही , मोहब्बत का शौक है

Continue Readingकुछ चिराग कभी जलते नहीं , हवाओ को देखकर, जलते हुए मुझे हवाओ से ही , मोहब्बत का शौक है…….

खबर छोटी थी बहुत , तुमने बड़ी बना दी , इश्क में गिरफतारी , यु बताया नहीं करते……….

खबर छोटी थी बहुत , तुमने बड़ी बना दी इश्क में गिरफतारी , यु बताया नहीं करते..........

Continue Readingखबर छोटी थी बहुत , तुमने बड़ी बना दी , इश्क में गिरफतारी , यु बताया नहीं करते……….

शोर था बहुत लेकिन , कोई सुनता नहीं था ……………………………………..

शोर था बहुत लेकिन , कोई सुनता नहीं था शहर था तेरा बेदिल, या कोई कारखाना था............

Continue Readingशोर था बहुत लेकिन , कोई सुनता नहीं था ……………………………………..

क्या बात है शहर में, मयखाने बहुत है.., शायद तेरे यहाँ , दीवाने बहुत हैं,………………

Writer Director Sonu Tyagi   क्या बात है शहर में, मयखाने बहुत हैशायद तेरे यहाँ , दीवाने बहुत हैं,मैं भी एक मयखाने में , रहता हूँ आजकलमेरे भी दर्द कुछ,…

Continue Readingक्या बात है शहर में, मयखाने बहुत है.., शायद तेरे यहाँ , दीवाने बहुत हैं,………………

आज बहुत बिकी है मोहब्बत, सरेबाज़ार इस तरह.., मुझे आशिक नहीं शायद , अब खरीदार होना है,

आज बहुत बिकी है मोहब्बत, सरेबाज़ार इस तरह, मुझे आशिक नहीं शायद , अब खरीदार होना है,

Continue Readingआज बहुत बिकी है मोहब्बत, सरेबाज़ार इस तरह.., मुझे आशिक नहीं शायद , अब खरीदार होना है,

शहर नया था तुम्हारा यु , और मैं शख्स पुराना, ………………………………………..

शहर नया था तुम्हारा यु , और मैं शख्स पुराना,, दस्तूर- ऐ- मोहब्बत ये , कुछ समझ नहीं पाया ,,,,, Visit at www.sonutyagi.com

Continue Readingशहर नया था तुम्हारा यु , और मैं शख्स पुराना, ………………………………………..

दर्द बयां नहीं करता यू तो , मगर बेइंतहा रखता हूँ, किस्से बहुत है तेरे , मगर खामोश जुबां रखता हूँ

दर्द बयां नहीं करता यू तो , मगर बेइंतहा रखता हूँ किस्से बहुत है तेरे , मगर खामोश जुबां रखता हूँ

Continue Readingदर्द बयां नहीं करता यू तो , मगर बेइंतहा रखता हूँ, किस्से बहुत है तेरे , मगर खामोश जुबां रखता हूँ